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कार्मल स्कूल के विद्यार्थियों ने डॉ आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पुष्प अर्पित कर किया उन्हें याद

 कार्मल स्कूल के विद्यार्थियों ने डॉ आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पुष्प अर्पित कर किया उन्हें याद 



यह हमारे लिए गर्व एवं सौभाग्य की बात है कि भारत की हृदय स्थली मध्यप्रदेश में जन्म हुआ था बाबा साहब अंबेडकर का - नायर


मुलताई - यह हमारे लिए गर्व एवं सौभाग्य की बात है कि देश के संविधान निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले देश के महापुरुष बाबा साहब अंबेडकर का जन्म भारतवर्ष की हृदय स्थली मध्यप्रदेश के महू के समीप एक छोटे से गांव में हुआ था, यह बात मंगलवार 6 दिसंबर को बाबा साहब अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर नागपुर रोड पर स्थित बाबा साहब अंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने न्यू कार्मल कान्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के संचालक अनीष नायर ने उपस्थित विद्यार्थियों से कहीं। गौरतलब है कि 6 दिसंबर को भारत का संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले बाबा साहब अंबेडकर की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर कार्मल स्कूल के लगभग 100 से अधिक विद्यार्थी दोपहर 3 बजे के लगभग नागपुर रोड पर स्थित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के सम्मुख पहुंचे, जहां सभी विद्यार्थियों ने बाबा साहब के चरणो में पुष्प अर्पित किए एवं हाथ जोड़कर 2 मिनट का मौन रखते हुए उन्हें याद किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्था संचालक अनीश नायर ने कहां की इस तरह देश के महापुरुषों को याद कर उनकी जीवनी को पढ़कर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू के पास एक छोटे से गांव मैं हुआ था। बाबा साहब का बचपन बड़ी चुनौती भरा हुआ था यहां तक की जब वह स्कूल में पढ़ते थे तो उन्हें छुआछूत और जाति-पाती का भेदभाव तक झेलना पड़ा लेकिन विषम परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हुए बाबा साहब ने अपनी मेहनत से लगभग 32 डिग्री हासिल की यहां तक कि उन्हें डॉक्टरेट की डिग्री भी हासिल हुई। बाबा साहब ने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरुतियों को जड़ से खत्म करने के लिए दलित समाज के उत्थान का निर्णय लिया और उन्होंने इस दिशा में पूरी शिद्दत के साथ कार्य किया जिसके चलते छुआछूत एवं सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियां समाज से समाप्त हुई।उन्होंने कहा कि आज हर युवा को बाबा साहब अंबेडकर की जीवनी को पढ़ना चाहिए और उनके द्वारा दिखाये गये रास्ते पर चलना चाहिए। आयोजन में स्कूल छात्र संघ अध्यक्ष माही सूर्यवंशी एवं उपाध्यक्ष बानी रस्तोगी ने भी अपने विचार रखे। शाला परिवार की ओर से  शिक्षक विशाल सोनी सहित गुड्डू पवार, संजय तुकराम, नंदकिशोर मगरदे, गोलू पवार उपस्थित रहे।








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