बरखेड़ के "पांढरया देव बाबा" जहा मांगी हर मन्नत होती है पूरी, ट्रालियों से बाटा जाता है भंडारा।
मुलताई के ग्राम बरखेड़ में पांडरया देव बाबा के भंडारे में आज हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण करी। इस भंडारे को जिले का सबसे बड़ा भंडारा कहा जाता है।भंडारे में भोजन बनाने के लिए कल दोपहर 3:00 बजे से भोजन बनाने का काम शुरू किया था। भोजन बनाने के लिए150 चूल्हे बनाए गए थे। जिसमें 21 घंटे से लगातार भोजन बनाया जा रहा है।5 ट्राली पूरी, 50-50 गंज खीर और सब्जी बनाई गई है। भोजन बनाने के लिए ढाई सौ लोगों की टीम लगातार पिछले 21 घंटों से काम कर रही है।
मुलताई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरखेड़ के श्री पांढरया देव बाबा मंदिर में 19 सालो से भंडारा शुरू है।कल बुधवार को ग्राम बरखेड़ में दही लाही के कार्यक्रम का आयोजन कर दो दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया गया।
जिले का सबसे बड़ा भंडारा..
इस भंडारे को बैतूल जिले का सबसे बड़ा भंडारा कहा जाता हैं।पांढरया देव बाबा के मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से हजारो श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस भंडारे की खासियत यह है कि यहां पर सैकड़ों गंज में खाना बनता है और ट्रैक्टर की ट्रॉलीयो उसे पुड़ी बनकर पहुंचती है, इस भंडारे में लाखों भक्त भंडारा ग्रहण करते हैं और बाबा पांढरया देव का आशीर्वाद लेते हैं।
16 गांव मिलकर करते है आयोजन...
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम बरखेड़, सावंगा, बांडिया खापा, हतनापुर, सेमरिया, पांढरी, सिलादेही, पिपरिया, घाट बिरोली, निंबोटी एवं अन्य गांव के ग्रामवासी अपना विशेष सहयोग प्रदान करते हैं। लगभग 500 लोगो की टीम भंडारा परोसने का काम करती है।
