कोरोना वायरस की महामारी में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर बिना सुरक्षा के न्यायालय कार्य आरंभ कर दिये गये है वीडियो कॉन्फ्रसिंग रूम में पैरवी करने के लिये अधिवक्ता जाने लगे लेकिन वहा सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किये गये है ,जिसके लिये अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरधर यादव अधिवक्ता ने शासन को पत्र लिख कर माँग करी है :-
1. अधिवक्ता कोर्ट ऑफिसर होता है किसी अधिवक्ता की कोरोना वायरस के कारण मृत्यु होती है तो उसके परिवार को पेंशन दी जाये।
2. उस अधिवक्ता के परिवार में किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाये।
3. अधिवक्ताओ का 50 लाख का बीमा सरकार द्वारा किया जाये।
4. न्याय पालिका में सेनेटाइजर मशीन लगाई जाये।
5. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में अधिवताओ के लिये सुरक्षात्मक व्यवस्था की जाये।
संघ के अध्यक्ष ने बताया कि कई अधिवक्ता ग्रामीण अंचल से आते है जहाँ मोबाइल के कवरेज कई प्रकार की समस्या रहती है वीडियो कॉन्फ्रसिंग एक ही कुर्सी पर कई अधिवक्ता बैठ रहे है इस महामारी के बचाव के लिये कोई उपकरण नहीं है बिना सुरक्षा के अधिवक्ता अपना कार्य कर रहे है अधिवक्ता न्यायपालिका का मुख्य अंग है न्याय पालिका के आदेश पर कार्य कर रहे है ऐसी स्तिथि में सरकार अधिवक्ता एवं उसके परिवार की सुरक्षा के लिये ठोस कदम उठाये।

