छिंदवाड़ा भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेशों में विरोध के स्वर क्यों ?
क्या देश को कोरोना संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात माननी चाहिए...?
इस वक्त जहां पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के संकट से जूझ रहा है, प्रधानमंत्री मोदी का कहना है, कि जो व्यक्ति जहां है, वही रहे... | तो फिर छिंदवाड़ा भाजपा के कार्यकर्ता व नेता यह बताएं कि छिंदवाड़ा में ऐसी कौन सी इमरजेंसी आन पड़ी कि वह लगातार छिंदवाड़ा जिले के सांसद नकुल नाथ जी व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को बार-बार छिंदवाड़ा बुलाने की बात कर रहे हैं।
जबकि वह जानते हैं, भोपाल और दिल्ली दोनों आज भी रेड जोन में है, ऐसी जगह से छिंदवाड़ा आना और छिंदवाड़ा की जनता को खतरे में डालना यह कौन सी बुद्धिमानी है, इस बात को हमारे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी व जिले के सांसद नकुल नाथ जी भली-भांति समझते हैं और लगातार छिंदवाड़ा व प्रदेश हित में अपना कार्य कर रहे हैं।
लेकिन वही भाजपा कार्यकर्ता और नेतागण अपने ही नेता नरेंद्र मोदी की बातो और फैसलों को ताक पर रखकर नकुल नाथ जी और कमलनाथ जी को छिंदवाड़ा लाने में लगे हुए हैं इस बात से साफ पता चलता है। छिंदवाड़ा भाजपा अपने नेता की बात नहीं मान रही और उनके ही आदेशों की अवहेलना करने में लगी हैं। संदीप ये सारी जानकारी देते हुए ये भी कहा कि मध्यप्रदेश की बीजेपी की सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा कांग्रेस के नेताओ पर फोड़ रही है | अब सवाल उठता है, कि छिंदवाड़ा भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेशों में विरोध के स्वर क्यों ?


