बैतूल ()बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बैतूल अमनबीर सिंह बैस ने कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के परिप्रेक्ष्य में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक दिनांक 23/02/2021 में विचारोपरांत लिए गए निर्णयों के अनुसार महाराष्ट्र राज्य में कोविङ -19 के प्रकरणों में तेजी से वृद्धि के दृष्टिगत कोविड -19 महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु मै अमनबीर सिंह बैंस कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी , बैतूल दं 0 प्र 0 सं 0 की धारा 144 के तहत निम्नानुसार आदेश पारित करता हूँ ।
1. महाराष्ट्र राज्य से जिला बैतूल क्षेत्र में आने वाले आमजनों को जिले की सीमा में प्रदेश के दौरान दैतूल - परतवाडा रोड पर खोमई बेरियर , प्रभातपट्टन - वरूड रोड पर गौनापुर बेरियर तथा मुलताई नागपुर रोड पर खंबारा टोल नाके पर मेडिकल प्रमाण पत्रायमल स्क्रीनिंग अनिवार्य रहेगी । मास्क / फेस कव्हर पहनना तथा इस दौरान सोशल डिस्टैसिंग का पालन करना , सेनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य किया जाता है । इसका पालन कराने की जवाबदारी संबंधित वाहन चालक / परिचालक की भी रहेगी । इसके साथ ही काविड -19 के लक्षण परिलक्षित होने पर संबंधित व्यक्तियों की RAT संपलिंग भी कराई जावेगी । उक्त जाँच केन्द्रों पर नियुक्त जाँच दल दवारा उपरोक्तानुसार जाँच कर संतुष्ट होने पर ही आगतुकों को जिला क्षेत्र में प्रवेश दिया जावेगा ।
2. जिले की सीमा में प्रवेश के पूर्व चेक पोस्ट पर स्थापित जाँच टीम से सभी आमजनों को तापमान ( Temperature ) चेक कराना अनिवार्य होगा । जाँच के दौरान संदिग्ध गिभीर लक्षण वाले व्यक्ति को Institutional क्वारटीन करायेंगे एवं स्वस्थ लक्षण रहित व्यक्ति को 07 दिवस के लिए होम क्वारंटीन रहना अनिवार्य होगा ।
3. जिले की सीमा में मास्क / फेस कव्हर पहनना अनिवार्य किया जाता है । जिले में सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित किया जाता है । इसका उल्लंघन करने पर संबंधित को अर्थदण्ड से दंडित कर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी ।
4. जिले के समस्त प्रकार के प्रतिष्ठानों में क्रेता / विक्रेता को मास्क / फेस कवर , सेनेटाईजर का उपयोग करना , सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा । उल्लंघन किये जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी
5. अंतिम संस्कार में अधिकतम 30 ( तीस ) व्यक्ति शामिल होंगे । इसकी अनुमति संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी , कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इन्सीडेन्ट कमाण्डर से लेना होगी ।
6. विवाह समारोह हेतु अधिकतम वर - वधु की तरफ से कुल 100 ( सौं ) व्यक्ति शामिल होंगे । इसकी अनुमति संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी , कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इन्सीडेन्ट कमाण्डर से लेना होगी । जिले के सभी मांगलिक भवन , मैरिज गार्डन संचालक बिना अनुमति के कोई विवाह कार्यक्रम अथवा अन्य किसी भी प्रकार का कार्यक्रम नहीं होने देंगे ।
7. जिले के समस्त स्थानों पर धार्मिक , सामाजिक , मेला , जुलूस व इसी प्रकार के अन्य आयोजन संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी , कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इन्सीडेन्ट कमाण्डर की पूर्वानुमति उपरांत ही किये जा सकेंगे । किसी भी प्रकार भंडारे का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा ।
यह आदेश आम जनता को सम्बोधित है । चूंकि , वर्तमान में मेरे समक्ष ऐसी परिस्थितियाँ नहीं हैं , और ना ही यह सम्भव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके । अत : दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की धारा -144 ( 2 ) के अंतर्गत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जाता है । आदेश से व्यथित कोई भी व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की धारा -144 ( 5 ) के अंतर्गत अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा । अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अधोहस्ताक्षरकर्ता संतुष्ट होने पर आवेदक को विधि एवं नियमों के अधीन किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा । इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के साथ ही भारतीय दण्ड संहिता की धारा -188 तथा एपिडेमिक एक्ट , 1897 के तहत म 0 प्र 0 शासन द्वारा जारी किये गए विनियम दिनांक 23/03/2020 की कंडिका -10 के अंतर्गत उल्लेखित विधि प्रावधानों अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी । यह आदेश तत्काल प्रभावशील होकर आगामी आदेश पर्यन्त तक प्रभावी रहेगा ।



