Awarded to auto ambulance drivers transporting the injured to the hospital and transporting the dead bodies.
450 घायलों, 14 शवों का परिवहन कर ऑटो एम्बुलेंस चालकों ने पेश की मिसाल
पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल शव परिवहन पर देते है प्रोत्साहन राशि
बैतूल। चार वर्ष पहले 1 अक्टूबर 2016 को जिला मुख्यालय पर बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा जीवन रक्षक प्रकल्प ऑटो एम्बुलेंस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का आमला एवं मुलताई शहर में भी गत एक वर्ष से संचालन किया जा रहा है। ऑटो एम्बुलेंस योजना से जुड़े ऑटो चालक सैकड़ों सडक़, ट्रेन एवं अन्य हादसों में घायलों के लिए तो मददगार साबित हुए ही है साथ ही 14 शवों के परिवहन में भी ऑटो चालकों ने सारथी की भूमिका निभाई। ऑटो एम्बुलेंस योजना के क्रियान्वयन में सहयोगी एवं पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल द्वारा इस जीवन रक्षक प्रकल्प से जुड़े ऑटो चालकों द्वारा शव परिवहन किए जाने पर प्रोत्साहन राशि देने की जिम्मेदारी ली थी। पिछले चार वर्षों से पूर्व सांसद ऐसे ऑटो एम्बुलेंस चालक जिनके द्वारा शव का परिवहन किया है उन्हें अपने हाथों से संस्था के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पूरे सम्मान से प्रोत्साहन राशि देकर हौसला अफजाई कर रहे है।
बैतूल-आमला-मुलताई में जुड़े 900 ऑटो चालक
ऑटो एम्बुलेंस योजना से जिले के करीब 900 ऑटो चालक जुड़े है। संस्था अध्यक्ष गौरी पदम ने बताया कि आमला में समाजसेवी मनोज विश्वकर्मा एवं मुलताई में दीपेश बोथरा के संयोजन में योजना सफलतापुर्वक क्रियान्वित की जा रही है। बैतूल में 16 सितंबर को पहली बार ऑटो एम्बुलेंस से तीन घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। उस वक्त तक योजना की औपचारिक शुरुआत नहीं हुई थी। 16 सितंबर से 29 जनवरी तक बैतूल शहर के ऑटो चालकों ने 272 हादसों में 319 घायलों को जिला अस्पताल एवं समीपस्थ अस्पताल तक पहुंचाया। कुल 14 शवों का परिवहन भी ऑटो एम्बुलेंस चालकों द्वारा किया गया है। इसी तरह आमला शहर में एक वर्ष में 30 ऑटो चालकों ने करीब 45 घायलों को एवं मुलताई में 40 ऑटो चालकों ने करीब 75 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। सभी ऑटो एम्बुलेंस चालकों का संस्था अध्यक्ष सहित सचिव भारत पदम, ईश्वर सोनी, जमुना पंडाग्रे, भारती झरबड़े, नीलम वागद्रे, मनोज विश्वकर्मा, नितिन वागद्रे, दीपेश बोथरा, शिवानी मालवी, सुमीत नागले, हर्षभा चौरासे, रजत यादव, विजय बेडरे,कल्पना तरुडक़र सहित अन्य ने आभार माना है।
इन ऑटो चालकों ने किया है शव का परिवहन
जिले में बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा ऑटो एम्बुलेंस योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किए जाने के बाद सबसे पहले जिला अस्पताल से ऑटो एम्बुलेंस चालक कमलेश पंवार ने शव परिवहन किया था। जिला अस्पताल से शव को बैतूल बाजार तक परिवहन किया गया। इसी तरह राजेश गोलू मंद्रे ने जिला अस्पताल से एक व्यक्ति के शव का गोराखार ग्राम तक परिवहन किया गया। ऑटो एम्बुलेंस चालक रमेश चंदेल ने माचना नदी के किनारे से अज्ञात व्यक्ति का शव जिला अस्पताल तक, जिला अस्पताल से महिला के शव को पारधीढाने तक और पेट्रोल पम्प के पास से एक व्यक्ति के शव को जिला अस्पताल तक पहुंचाया गया। भुरू युसूफ फजलानी द्वारा भारतभारती निवासी एक महिला और उसकी दुधमुही बच्ची के ट्रेन से कटे शवों को जिला अस्पताल तक लाया गया था तो मनीष मालवीय ने रेलवे स्टेशन से बुजुर्ग के शव का जिला अस्पताल तक और कर्बला माचना से एक शव का परिवहन जिला अस्पताल तक किया गया। ऑटो एम्बुलेंस चालक नीलेश चौधरी ने जामठी के पास अलग-अलग दुर्घटना मृत दो लोगों के शव जिला अस्पताल पहुंचाए गए तो हिमांशु ठाकुर ने भी जामठी के पास हुए हादसे में मृत युवक का शव जिला जिला अस्पताल पहुंचाया। लोडिंग वाहन के चालक बबलू इवने द्वारा तांगा स्टेण्ड से अज्ञात व्यक्ति का शव परिवहन किया। इसके अलावा मुलताई के ऑटो एम्बुलेंस चालक नागेश पौनीकर ने बानुर उभारिया में पुलिया से गिरने से मृत युवक का शव मुलताई अस्पताल तक रात 12 बजे पहुंचाया था। उक्त सभी प्रकरणों में ऑटो एम्बुलेंस चालकों एक-एक हजार रुपए की सम्मान राशि प्रोत्साहन स्वरुप पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल द्वारा दी गई। उन्होंने ऑटो चालकों के साहस और सेवा कार्य की सराहना करते हुए उनकी हमेशा हौसला अफजाई की जाती है।
इनके सहयोग से चल रही ऑटो एम्बुलेंस
जिले में ऑटो एम्बुलेंस योजना के क्रियान्वयन में कई समाजसेवियों, डॉक्टर्स, सामाजिक संगठनों का सतत सहयोग मिल रहा है। योजना के क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, यातायात, परिवहन विभाग के समन्वय के साथ-साथ पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल, डॉ ममता श्रीवास्तव, डॉ जया श्रीवास्तव, आरडीपीएस बैतूल, एडव्होकेट नीरजा श्रीवास्तव, राजेश आहूजा आदित्य होण्डा, दवा व्यवसायी दीपू सलूजा, पेट्रोल पम्प संचालक अबीजर हुसैन, रविदासिया संगठन, सीए प्रदीप खण्डेलवाल, अभिमन्यू श्रीवास्तव, डॉ विनय सिंह चौहान, समाजसेवी मुकेश गुप्ता, धीरज हिराणी, धीरज बोथरा, एसडीएम सीएल चनाप, तुलसी मालवी, डॉ राजेन्द्र देशमुख, डॉ सोनल डागा, समाजसेवी हेमंत पगारिया, नीलम वागद्रे, जमुना पंडाग्रे, माधुरी पुजारे, ललिता मानकर, माधवी ठाकुर, ट्रेजरी ऑफिसर नितेश उईके, योगी खण्डेलवाल, अमित गोठी, मंजू लंगोटे सहित अन्य समाजसेवियों एवं सगंठनों के सहयोग से योजना सतत क्रियान्वित की जा रही है।


