युवक ने दिया जनहित में संदेश- बढते कोरोना संक्रमण के चलते एक युवक ने लिया अहम फैसला 22 अप्रैल को होने वाले अपने विवाह किया स्थगित - कहा नहीं डाल सकता परिजनों ओर शुभचिंतकों के प्राण संकट में
छिन्दवाड़ा मे लाॕकडाउन ओर बढते संक्रमण के चलते बैतूल जिले के युवक ने लिया अहम फैसला 22 अप्रैल को होनी थी छिन्दवाड़ा मे शादी उसने जनहित ओर परिवार के हित को देखते हुये फिलहाल अपना विवाह स्थगित किया
बैतूल - पुरे भारत में बढते संक्रमण के चलते जहा हर क्षैत्र मे परेशानी का सामना करना पढ रहा वही अप्रैल ओर मई मे होने वाले विवाहो पर तलवार लटक गई है विवाह की पुरी व्यवस्था कर रखी थी कई लोगो ने बैडं, मैरिज लान, लाइट, डीजे ,घोड़ी, केटर्स, टैन्ट डेकोरेशन जैसे तमाम व्यवस्थाओ के लिये एडवांस पेसे देकर बुक कर रखे हे परन्तु अब कोरोना संक्रमण के बढते मामलो ने इन सब पर पानी फेर दिया
आज येसे ही एक युवक का कोरोना संक्रमण के बढते मामलो के बिच अपने जीवन के उस अहम पल जो जीवन भर का सबसे सुनहरा पल माना जाता है उस पल को स्वम ने ही अपने परिवार ओर शुभचिंतकों को ध्यान मे रखते हुये कुछ समय तक के लिये स्थगित कर दिया जब तक इस भयवार कोरोना संक्रमण खत्म या स्थिति सामान्य नही हो जाती तब तक के लिए 22 अप्रैल को छिन्दवाड़ा जिले के एक गाव मे होने वाले विवाह समारोह को रोकने का अहम निर्णय लिया आपको बता दें कि बैतूल जिले के आमला ब्लाक के लीलाझर नामक एक ग्राम पंचायत के निवासी नितेश पवार पिता शिवशकंर पवार ने अपने परिवार ओर विवाह मे शामिल होने वाले उन सभी के स्वास्थ्य ओर जीवन को कोरोना जेसे संक्रमण के खतरे में ना डालते हुये अपने जीवन के उस अहम पल की शुरुवात ना करने का अहम ओर साहसिक निर्णय कर दिया ओर 22 अप्रैल को होने वाले अपने विवाह को स्थगित कर दिया !
क्या कहना है इस पुरे निर्णय पर नितेश पवार का
जब अपने नितेश पवार से इस पूरे मामले पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि विवाह तो दो चार माह बाद भी किया जा सकता है परंतु अपने परिवार जन और साथ ही विवाह में सरीक होने वाले रिस्तेदारो ओर शुभचिंतकों को कोरोना संक्रमण के खतरे में नही डाल सकता इसलिए 22 अप्रैल को होने वाले अपने विवाह समारोह को मैंने अभी स्थगित कर दिया है आगे की तारीख भी अभी डिसाइड नहीं की है क्योंकि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती जब तक मैं रिस्क नहीं ले सकता जबकि विवाह की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी है 20 तारीख को गांव में ही लगून पूजा समारोह होना था और 22 अप्रैल को बरात जानी थी
पर जनहित और सबके हित को ध्यान में रखते हुए मैंने यह फैसला लिया है कि मैं अभी इन परिस्थितियों में विवाह नहीं कर सकता साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे इस निर्णय से मेरे परिवार जन एवं मेरे ससुराल पक्ष के परिजन भी सहमत है
साथ ही उन्होंने यह भी संदेश दिया है कि विवाह एवं अन्य समारोह बाद में भी किए जा सकते हैं परंतु देश में फैल रही इस कोरोना महामारी से बचने के लिए सभी को अपने-अपने तरफ से अहम कदम उठाने चाहिए जिससे जीवन को बचाया जा सके
वास्तव में नितेश पवार द्वारा उठाया गया यह सराहनीय कदम उन सबके लिए मार्गदर्शक साबित होगा जिनके विवाह की तारीखें लॉकडाउन के दौरान पड़ रही है

