✍️कुलदीप पहाड़े......
मुलताई। कोरोना महामारी से जूझ रहा देश प्रदेश का गरीब मजदूर तबका अब पिछले साल की तरह फिर एक बार समझ चुका है कि इस कोरोना के कारण लॉक डाउन बढ़ेगा और काम बंद रहेंगे जिससे एक बार फिर से इन गरीब मजदूरों को घर लौटने वाले वो पुराने दिन सताने लगे है। लेकिन अब इन मजदूरों में पिछली बार से सबक ले कर इस बार शासन प्रशासन के राहत और इंतजाम का इंतज़ार करने के बजाय खुद ही समय रहते घर की ओर निकलना कुबूल कर लिया है।
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे मुलताई अम्बेडकर चौक पर पांच युवक मजदूर पहुचे थे। उनसे पूछने पर उन्होंने बताया कि वे सड़क के काम के लिए महाराष्ट्र के वरुड गए हुए थे जहाँ काम बंद होने के चलते अब हम वापस घर जा रहे है। उन्होंने बताया कि इस लॉक डाउन में घर जाने के लिए कोई साधन न मिलने और पास में पर्याप्त पैसे न होने के कारण पैदल ही अपने गांव की ओर निकल पड़े है। उन्होंने बताया कि उनका गांव बोरदेही के पास है। उनका कहना था कि वे भूखे प्यासे ही महाराष्ट्र से घर के लिए निकले थे और ऊपर से इस गर्मी में पैदल चल चल कर हाल बेहाल हो गया था।
मानवता अभी जिंदा है -
ऐसी स्थिति में इन मजदूरों को पैदल गांव जाते हुए देख मुलताई नगर के ताप्ती भक्त गायत्री इलेक्ट्रिकल एवं शुभ डेयरी के संचालक श्यामराव गवहाड़े एवं राजेश अग्रवाल ने इन मजदूरों के लिए तत्काल स्वल्पाहार का बंदोबस्त किया और उन्हें बिस्कुट, नमकीन के पैकेट और पीने के लिए पानी उलब्ध कराया वहीं ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने भी इन्हें भोजन उपलब्ध करा कर मानवता का परिचय दिया।
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