कोरोना कोहराम के बीच में एक सुकून देने वाली खबर आई है। कोरोना संक्रमित महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। हालांकि जन्म के बाद उसे मां से अलग रखा गया है। ऐसा एहतियातन किया गया है। डिलीवरी से पहले महिला को शहर के कई अस्पतालों में भटकना पड़ा। आखिरकार डॉक्टरों ने पीपीई किट पहनकर महिला की डिलीवरी कराई।
जानकारी के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में आशीष व्यास अपने 14 मित्रों के साथ परेशान लोगों की मदद कर रहे हैं। उनके मित्र मोहित ने कॉल कर बताया कि उसकी बहन प्रेग्नेंट है। वह कोविड संक्रमित है। ऐसे में डिलीवरी के लिए अस्पताल तैयार नहीं हो रहे हैं। उसने शहर भर में कई निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए। इसके बाद आशीष व्यास ने नगर निगम की सहायक आयुक्त एकता अग्रवाल से बात कर मदद मांगी।
पीपीई किट पहन कर डिलीवरी कराई गई
नगर निगम की सहायक आयुक्त एकता अग्रवाल की पहल पर मेडिकल अस्पताल में डिलीवरी के लिए बात हुई। वहां महिला चिकित्सक और नर्सों ने पीपीई किट पहन कर महिला मंगला पटेल की डिलीवरी कराई। नाॅर्मल डिलीवरी के बाद महिला और बच्चा ठीक हैं। नवजात का भी कोविड जांच कराया गया। वह स्वस्थ मिला। डॉक्टर भी इसे चमत्कार ही मान रहे हैं। मां के गर्भ में कोरोना असर नहीं दिखा पाया। मां और बच्चे को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है।

