कल 13 अप्रेल 2021 को भोपाल जिला कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किए गए है जो कि इस प्रकार है।
:: आ दे श : ( अंतर्गत धारा -144 दण्ड प्रकिया संहिता 1973 ) वर्तमान समय में कोरोना महामारी के चलते समय - समय पर अनेक कदम उठाए गए है व यह प्रयास किया गया है कि संक्रमण के फैलाव को कम किया जाए व जो लोग संकमित है उन्हें अस्पतालों में यथोचित स्वास्थ लाभ मिल सकें किन्तु यह संज्ञान मे आया है कि कभी - कभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मस जैसे ट्विटर , फेसबुक , वाट्सएप , इन्स्टाग्राम , टिकटॉक इत्यादि पर भ्रामक खबरे ( Fake News ) , गलत खबरे व झूठी एवं आपत्तिजनक संदेश ( Messages ) , वीडियों , तस्वीरें , Memes , ऑडियों क्लिप्स इत्यादि फैलाये जाते है । इस प्रकार की सूचनाएँ जनता के बीच बिना वजह पैनिक की स्थिति पैदा करती है व सरकारी
मशीनरी के प्रति उत्तेजनाओं को भडकाने का भी प्रयास इनसे होता है । साथ ही इस प्रकार के संदेश कई बार विभिन्न समुदायों की भावनाओं को भडकाने का भी कार्य करते हैं । अतः मेरे अभिमत में इस प्रकार की सूचनाओं के प्रसारण से कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है व मानव स्वास्थ्य , सुरक्षा व लोक शांति के लिए भी खतरनाक हो सकती है । अतः मैं . अविनाश लवानिया , कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट , जिला भोपाल दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए सम्पूर्ण भोपाल जिले की राजस्व सीमाओं में आगामी आदेश तक निम्नानुसार प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करता हूँ : ( 1 ) कोई भी व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस ( ट्विटर , फेसबुक , वाट्सएप , यू - ट्यूब , टिकटॉक , इन्स्टाग्राम इत्यादि ) पर कोई भी ऐसी भ्रामक खबर , वीडियों , ओडियों , फोटो , मीम इत्यादि न ही स्वयं भेजेगें व न ही शेयर / फॉरवर्ड करेगें । ( अ ) जो असत्य हो व जिसके तथ्यों की पुष्टि नहीं की गई हो । ( ब ) जो किसी समुदाय या धर्म के प्रति अपमानजनक ( derogatory ) व भेदभावपूर्ण ( discriminatory ) हो । ( स ) जो आम जनता में पैनिक या भय व संशय / भ्रांति ( Confusion ) की स्थिति पैदा करें । यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा व किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा इस आदेश के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत व सूचना एवं प्रौद्योगिकी एक्ट के अन्य प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जावेगी ।


