नगर पालिका द्वारा बिना टेंडर,निविदा के नगर के जर्जर शॉपिग कम्पलेक्सो को किया जा रहा वाटर प्रुफिग
पांढुरना। नगर में नगर पालिका द्वारा बनाये गए पुराने शॉपिग काम्प्लेक्स बने हुए है,जो चालीस से पैतालीस वर्ष पूर्व बनाये गए भवनों के छतों पर नगर पालिका परिषद द्वारा सम्पूर्ण भवनों की छत जर्जर अवस्था मे होने के चलते नपा द्वारा बिना टेंडर के ही छतों को प्राइवेट लेबरों द्वारा वाटर प्रूफ पेंट लगाकर छतों से टपकते हुए पानी को रोकने के लिए डेम प्रुफ पेंट एवम क्रैक सील लगाकर भवनों को रिपेयर करने का कार्य किया जा रहा है,नगर पालिका द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला डेम प्रूफ पेट की केन दस लीटर की केन की कीमत चार हजार आठ सौ नब्बे रुपये प्रिंट रेट है,जिसमे दस लीटर में तीन सौ स्कवेयर फिट का एरिया पेंट होता है,यह डेम प्रूफ पेंट तो नगर पालिका क्रय कर लेबरों को प्रदान कर रही है एवम इसके पीछे प्रायवेट चार लेबर लगे हुए है,नगर पालिका द्वारा बिना टेंडर के पुराने बिल्डिंगों को वाटर प्रूफ करने का कार्य जारी है,जिसको लेकर गुजरी चौक स्थित महात्मा गांधी शॉपिग काम्पलेक्स की छत को पेंट द्वारा फ्रूफिग कार्य जारी है।इस काम्पलेक्ट मे सौ से एकसौ बीस दुकाने है,जिसका एरिया दस हजार स्केयर फिट के बराबर है,इस जर्जर भवन पर डबल कोड डेम्प्रूफ पेंट होना है,अब यह देखना यह है,की एक कामलेक्स को फ्रूफिग करने हेतु किंतनी लागत लगती है,जब कि नगर पालिका द्वारा ऐसे अनगिनत भवन है जहाँ की छतों से बरसाद में पानी टपकता है,यही कार्य नगर पालिका द्वारा टेंडर निकालकर किया जाता तो शायद नगर के पुराने शॉपिग भवनों के छतों को वाटर प्रुफिग करने में शायद लागत कम आती,परन्तु इस कार्य की जानकारी बिना किसी जनप्रतिनिधि या टेंडर निकाले के पीछे क्या हेतु है,यह जानकारी सार्वजनिक होना अभी बाकी है।

