Type Here to Get Search Results !

Random Posts

4/footer/random

ध्यान की कोई भी पद्धति सहस्रार जागृति के बिना अधूरी है। योग की युक्ति सिखाता हैं सहजयोग। 20 और 21 जून को ऑनलाइन आत्मसाक्षात्कार ।

ध्यान की कोई भी पद्धति सहस्रार जागृति के बिना अधूरी है। 

Any method of meditation is incomplete without Sahasrara awakening. Sahaja Yoga teaches the techniques of yoga. Online self-realization on 20th and 21st June.




योग की युक्ति सिखाता हैं सहजयोग।

योग को समग्रता से घटित करता है सहज योग का सहस्रार जागृति अनुभव

मुलताई । सहजयोग वास्तव में योग की युक्ति सिखाता हैं । आज विश्व में भारतीय योग की अवधारणा अति उत्साह से स्वीकारी जा रही है । परंतु अष्टांग योग जो यम , नियम आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , ध्यान , धारणा , समाधि इस प्रकार आठ अंगों को अपने में समाए हुए हैं इस योग प्रक्रिया की युक्ति को सही ढंग से समझना भी आवश्यक है । सहज योग की संस्थापिका परम पूज्य माताजी निर्मला देवी जीने योग की युक्ति के बारे में बताया है कि युक्ति के दो अर्थ हैं एक है जुड़ना अर्थात एकाकार होना और दूसरा है योजना प्रक्रिया को समझना सहज योग इन दोनों कार्यों में साधक को निष्णात बनाता है ब्रह्म ज्ञानियों की मान्यता है कि जो पिंड में है वही ब्रह्मांड में है अर्थात जो जीवनी शक्ति है वह जीव में आत्मा के रूप में स्थित है और चराचर सृष्टि में परमात्मा के रूप में विद्यमान है योग की युक्ति आत्मा को परमात्मा से एकाकार करने की प्रक्रिया है जिसमें आसन , प्राणायाम शरीर के व्यायाम है , और ध्यान , धारणा मन मस्तिष्क का अवबोधन । ध्यान की प्रक्रिया का उद्देश्य आत्मिक शांति द्वारा चेतन मन की विशेष अवस्था मे आने का प्रयास है जो आन्तरिक उर्जा व जीवन शक्ति का निर्माण कर जीवन मे सकारात्मक ता व आनंद लाता है । इस योग की प्रक्रिया में जुड़ने की युक्ति सहज योग द्वारा अत्यंत सरल ता से निशुल्क सिखाई जाती है । आइए योग की पूर्णता को जानें । विश्व के संरक्षण के लिए आत्मा की जागृति द्वारा आध्यात्मिक शक्ति को प्रबल करें।मानव के सूक्ष्म शरीर में स्थित सात चक्रों में सहस्रार चक्र का विशेष महत्व है।आत्मा के अनुभव हेतु 5 मई 1970 को सहजयोग के द्वारा विश्व का सहस्रार खोलने के लिए परम पूज्य माताजी निर्मला देवी जी ने अथक परिश्रम किया।यह दिन मानवता के उत्थान की ओर सबसे बड़ा कदम सिद्ध हुआ क्योंकि इससे पूर्व गिने चुने लोगों ने आत्मा का अनुभव किया था परंतु सहस्रारचक्र के खोल दिए जाने पर हजारों साधकों ने एक साथ सहस्रार जागृति का अनुभव किया । उन्हे शतकोटि नमन करते हुए विश्व के सहजयोगी साधकों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर दिनांक 20 व 21 जून को दो दिवसीय ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्सव मनाया जा रहा है । जिसे वेबसाइट www.sahajayoga.org.in/live पर देखा जा सकेगा ।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad