Type Here to Get Search Results !

Random Posts

4/footer/random

फादर्स डे पर विशेष -364 बच्चों और बूढ़ों का ऑन रिकॉर्ड एक ही पिता - मिलिए ऐसे व्यक्ति सुधीर भाई से।

Indian MP humdard news


Father's Day Special -364 Children and old people on record Same father - Meet such a person Sudhir Bhai.



उज्जैन। यह जानकर आश्चर्य होगा कि 364 बच्चों और बूढ़ों के आधार और वोटर कार्ड पर पिता के रूप में एक ही नाम दर्ज है- सुधीर भाई। क्योंकि इनमें से वे किसी को कूड़ेदान से उठाकर लाए हैं तो किसी को जंजीरों से मुक्त कराकर। किसी को बीमारी के कारण परिवार ने छोड़ दिया तो उसे उन्होंने अपना लिया। वे सब उन्हें पिता ही मानते हैं।

यह अनूठी कहानी है शहर से 18 किमी दूर अंबोदिया स्थित सेवाधाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल की। फादर्स डे पर इस विशाल परिवार में आकर पता चला कि इनमें 90 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग हैैं जो उन्हें पिता से ज्यादा सम्मान और प्रेम देते हैं।

समाज ने छोड़ा तो सेवाधाम ने अपनाया
1 यश (परिवर्तित नाम) मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण ग्राम सिरिया तहसील नलखेड़ा में दस वर्षों तक जंजीरों में जकड़ा था। 2007 में सुधीर भाई ने कैद से मुक्ति दिलाई एवं 14 साल से वह सेवाधाम में ही रहता है एवं सेवाधाम की गोशाला में प्रथम गो-सेवक के रूप में अपना जीवन यापन कर रहा है।

2 तन्मय (परिवर्तित नाम) इसे नागपुर से 2002 में जब यह 3 वर्ष का था सेवाधाम आश्रम भेजा गया था। बालक पूर्ण रूप से बिस्तर पर था। यह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पाता था। आश्रम में आने के बाद उसकी फिजियोथैरेपी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं गोबर-गोमूत्र की मसाज से आज दौड़ में भाग लेता है।

3 आश्रम में रहने वाली मासूम बालिका अवंति (परिवर्तित नाम) जिसे वर्ष 2006 में जन्म देने के बाद जंगल में फेंक गया था। सेवाधाम आश्रम ने इस बच्ची की परवरिश की। बालिका 15 साल की हो चुकी है एवं कक्षा छठी में पढ़ाई कर रही है। वह आगे चलकर डाॅक्टर बनना चाहती है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad