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बजरंगबली के श्री चरणों में चौपाई एवं चालीसा - युवा लेखक प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"





बजरंगबली के श्री चरणों में चौपाई एवं चालीसा स्वरूप निवेदित हमारा यह सृजन! आशा करता हूँ यह छंदयुक्त रचना आपको संस्पर्श करेगी... 

लगी राम नाम की लगन, मारुति दौड़े चले आए, 
केसरी के पुत्र, पवन वेग पाकर पवनसुत कहलाए। 
चंचल सा तन पर कर भी शील के गुरु कहलाए, 
सूर्य निगल ना सके पर ग्यान के तेज मे नहाए! 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!! 

बानरों और दानवों को भी राम भजना सीखाए, 
जब लगी राम नाम धुन तो खुद रुद्र हनुमान बन आए। 
देख बल महाबलि कपिश के काल भी डेराए,
ब्रह्म, वरुण, कुबेर, इंद्रादी सब वर देने भागे चले आए। 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!!

राम ही बसे है रोम रोम में, राम की लौ है हरदम जलाए,
देख शील लंगूर का, रावण सम राक्षस भी गुण गाए। 
जानकी सुत है प्रभु,अष्ट सिद्धी नौ निद्धी भी चरण दबाए। 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!!

तोड़ के भ्रम,दंभ अर्जुन और भीम के अग्यान खाए, 
तोड़ भुजा अहिरावन की,पहाड़ संग सुशेन ले चले आए। 
जामवंत के सिखावन से लंका जारी चले आए। 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!!

प्रभु राम काज हित सब "काम" को हर पल हराये, 
अक्षयकुमार मार रावन का अहंकार पवन मे उड़ाए। 
जानकिशोकऩाशनम चिरंजीवी बन लंका से चले आये, 
तुलसी पे करके कृपा रामचरितमानस भी गवाऐं। 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!!

दीजिए निज भक्ति जन जन मे हे प्रभु 
साखी के हृदय मे भी राम भक्ति की ज्योत जलाए। 
राम नाम सुनकर हनुमान चले आए!!

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के सर्वोत्तम सेवक, सखा, सचिव और भक्त अतुल बल के स्वामी पराक्रम, ज्ञान और सेवा के आदर्श संगम विवेक, ज्ञान, बल, पराक्रम, संयम, सेवा, समर्पण, नेतृत्व संपन्नता आदि विलक्षण गुणों के धनी ऐसे वीर बजरंगबली हनुमान जी को नमन!


प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"
युवा लेखक/स्तंभकार/साहित्यकार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
सचलभाष/व्हाट्सअप : 6392189466
ईमेल : prafulsingh90@gmail.com

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