कोरोनावायरस की तीसरी लहर की दस्तक प्रदेश में बच्चों में होने वाले संक्रमण को लेकर क्या तैयारी और जिम्मेदारी होगी सरकार की - स्पेंसर लाल, जिला समन्वयक कांग्रेस
कोरोना की तीसरी लहर की दस्तको की खबर के बीच क्या तैयारियां सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कि जा रही है?
स्पेंसर लाल ने पूछा कि प्रशासन के पास बच्चो की संख्या के आंकड़े है कि नहीं,
1.पूरे जिले में कितने बच्चे है, और प्रतिशत के हिसाब से बिस्तरो की संख्या कितनी हैं?
2. बच्चो के कितने डॉक्टर है और कैसे संभालेंगे?
क्या इस तैयारी में संवदेनशीलता और जिम्मेदारी का एहसास किया का रहा है कि नहीं? स्पेंसर लाल जी द्वारा बार बार इन तैयारियों को लेकर पूर्व मे भी चेताया जा चुका है। संकट के समय लगातार प्रशासन और पक्ष के लोगो को अपनी तीखी प्रतिक्रिया देकरभी श्री लालजी ने एक ज़िम्मेदार नागरिक और विपक्ष पार्टी की भूमिका निभाते हुए कई बार आवाज़ उठाई और जनता को जागृत किया। जनता की भलाई वाले मुद्दे लगातार उठाकर प्रहार करने वाले लालजी नेकहा, कि प्रशासन अपनी तैयारी बच्चो के इलाज के लिए बड़ी संजीदगी और ज़िम्मेदारी से करें और जनता को विश्वास दिलाया जाएं, कि प्रशासन द्वारा कि जा रही तैयारियां काफी और भरोसे लायक है। बच्चो के संकर्मन की खबरे प्रदेश में कई जगह से आ रही है। जिले की क्राइसिस कामेती की तर्ज पर नागरिक रक्षा अधिकार कमेटी का भी गठन किया जाएं और ये कमेटी लगातार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कि जा रही तैयारियों का लेखा ले। ताकि आने वाले संकट के समय पिछली बार की तरह कोई परेशानी ना खड़ी हो और सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ज़िम्मेदार बनाया जाएं।बार बार चेताने और पिछली गलतियों से सबक लेने के बावजूद अगर तैयारियों के अभाव में कोई मृत्यु होती है तो सम्बंधित विभाग और उसके अधिकारी को ज़िम्मेदार ठहराया जा सके।
बच्चो को लेकर संजीदगी दिखानी होगी अन्यथा हालात बिगड़ सकते है।सभी नागरिक अभी से अपने अपने बच्चो पर विशेष ध्यान रखें और अपने बच्चो को दूसरे रिश्तेदार और बाहर के लोगो से फिलहाल मिलने से बचाए। थोड़ी से सावधानी अगर जनता रखेगी तो निश्चित रूप से बेतुल जिले को तीसरी लहर का शिकार होने से बचा करपर्धासं का सहयोग करें।लालजी ने सभी राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ताओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी आह्वान करते हुए कहा है, कि अगर हम सावधानी बरतेंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे तो हम तीसरी लहर से अपने जिले को बचा सकते है या इसके प्रभाव को न्यूनतम कर सकते है। हर व्यक्ति को ज़िम्मेदार बनना होगा, और गलती करने से बचना होगा। जिनके बच्चे 12 साल से कम हो वोह लोग टीका पहले लगवाए।

