रीवा शहर में एक रिटायर्ड डॉक्टर के साथ सिम वैरिफिकेशन के नाम पर 6 लाख रुपए ठगी का मामला सामने आया है। यहां हैकर ने सिम बंद हो जाने का झांसा दिया। कहा- अगर सिम चालू रखना है तो आपको 11 रुपए देने होंगे। इसके लिए आपके मोबाइल पर एक लिंक भेजा जाएगा। इसको क्लिक करते ही सिम का वैरिफिकेशन हो जाएगा। फिर दोबारा सिम कभी बंद नहीं होगी।
डॉक्टर ठग के झांसे में आ गए, जैसे ही लिंक आई उन्होंने क्लिक कर दिया। एक घंटे में 6 लाख रुपए उनके खाते से कट गए। हालांकि उस दिन डाॅक्टर ने अपने मोबाइल का मैसेज नहीं देखा। दूसरे दिन जब देखा तो उसके पैरो तले से जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पहले बैंक में शिकायत दर्ज कराई। फिर समान थाने में पहुंचकर एफआईआर कराई है।
समान थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील गुप्ता ने बताया कि सरकारी सेवा से रिटायर्ड डॉ. अंबिका प्रसाद द्विवेदी निवासी संजय नगर के मोबाइल पर 17 जून रात 8 बजे एक मैसेज आया कि आपके सिम का वैरिफिकेशन हो रहा है। इसके लिए 11 रुपए लगेंगे। यदि वैरिफिकेशन नहीं कराया तो सिम बंद हो जाएगी। कुछ देर बाद हैकर ने एक लिंक भेजी। उसने डॉक्टर को कहा कि भेजी गई लिंक को क्लिक करें।
उसके बताए अनुसार चिकित्सक के लिंक क्लिक करते ही खाते से पैसे निकलने का सिलसिला चालू हो गया। हालांकि उस समय चिकित्सक ने कोई मैसेज नहीं देखा। बाद में जब चिकित्सक ने एक घंटे बाद मैसेज देखा तो उनके होश उड़ गए। एक घंटे के अंदर तब तक 6 लाख 423 रुपए निकल चुके थे। दूसरे दिन वे बैंक पहुंचकर डिटेल एकत्र की। इसके बाद वे 18 जून को समान थाने पहुंचे। जहां पर ऑनलाइन फ्रॉड का पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया है।
SBI योनो ऐप के थ्रू निकला पैसा
समान थाने के एसआई अमित गोटिया ने बताया कि रिटायर्ड चिकित्सक डॉ. अंबिका प्रसाद द्विवेदी के खाते से 17 जून रात 8 बजे से 9 बजे के बीच SBI योनो ऐप के थ्रू पैसा निकला है। शातिर बदमाशों ने योनो ऐप के माध्यम से 15 बार में 6 लाख से ज्यादा रकम निकाल ली।
इस बार फ्रॉड का नया तरीका
साइबर फ्रॉड करने वाले शातिर बदमाश नए-नए तरीके निकालते रहते हैं। इससे पढ़े लिखे लोग भी झांसे में आकर अपनी जमा पूंजी लुटा देते हैं। अभी तक जिले में पीएम आवास योजना, किसान सम्मान निधि और टीकाकरण के नाम पर लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। इस बार अब सिम वैरिफिकेशन के नाम ऑनलाइन ठगी हुई है।
अनजान लिंक कतई न करें क्लिक
- कोई भी लिंक आए तो उसे खोलने से बचें, क्योंकि ठग आपको चपत लगा सकते हैं।
- किसी भी वेरीपिकेशन के नाम पर अगर कोई बैंक की जानकारियां मांगे तो कतई न बताएं।
- इन दिनों ठग वैक्सीन खत्म होने पर जल्दी टीकाकरण का झांसा दे सकते हैं, ऐसे में कोई भी जानकारी न दें।
- ओटीपी का काम सिर्फ पैसा ट्रांजेक्शन का होता है, न कि पंजीकरण का।
- साइबर ठग किसी भी तरह आपसे ओटीपी नंबर हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए वह अलग-अलग तरीका ईजाद करते हैं।
- एटीएम कार्ड से लेकर क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने के झांसे से बचे।
- खाता सीज होने, ऑनलाइन पेमेंट एप से करते समय सावधान रहे।
- कोई भी लिंक और फोन आने पर साइबर सेल को इसकी सूचना दें।
- खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

