Rail accident in MP. Goods train fell in the river. 16 coaches filled with coal fell, the track laid 2 years ago was cracked.
हादसा वेंकटनगर से निगौरा के बीच का है। यह रेलवे लाइन दो साल पहले ही बिछाई गई थी और पुल भी नया बना था। रेलवे के अफसर और इंजीनियर मौके पर पहुंच चुके हैं।
बताया जा रहा है कि मालगाड़ी में कोयला लोड है जिसे छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुसमुंडा से मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा रेलवे साइडिंग भेजा जा रहा था। अनूपपुर जिले के निगौरा से छत्तीसगढ़ के वेंकटनगर के बीच रेलवे ने थर्ड लाइन दो साल पहले ही चालू की थी। थर्ड लाइन का प्रोजेक्ट विशेष तौर पर मालगाड़ी चलाने के लिए बनाया गया है। हादसे के बाद बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दो साल पहले चालू हुई मालगाड़ी में आखिर क्रेक कैसे आया? इसके साथ ही पटरी के समय-समय पर निरीक्षण पर भी सवाल उठ रहे हैं।
तीसरी रेल लाइन पर हुआ हादसा
निगौरा रेलवे स्टेशन के समीप मालगाड़ी नदी के उपर बनी तीसरी लाइन से नीचे गिरी है। हालांकि दो अन्य लाइन सुरक्षित होने के कारण यात्री ट्रेनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य में समय लग सकता है। रेलवे के इंजीनियर ने बताया कि फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता, जांच के बाद ही घटना के स्पष्ट कारण पता चल पाएंगे। ड्राइवर और गार्ड सुरक्षित हैं।
यातायात प्रभावित नहीं होगा
हादसे के बाद बचाव टीम शहडोल से रवाना हुई है। इसमें एरिया रीजनल मैनेजर शहडोल सहित बचाव दल के अन्य सदस्य शामिल हैं। यात्री ट्रेनों का यातायात प्रभावित नहीं हुआ है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के सीपीआरओ साकेत रंजन ने बताया कि निगौरा के समीप मालगाड़ी के डिब्बे बेपटरी होने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंंच गया है। नदी से डिब्बों को निकालने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।



