5 bridges were broken due to heavy rain in MP. The five bridges were built on the Sindh river. Flushed like straw. Two more in danger. Watch video.
सिंध नदी ने ग्वालियर-चंबल अंचल में तबाही मचा दी है। पहली बार सिंध नदी का ऐसा रौद्र रूप लोगों ने देखा है। बुधवार सुबह दतिया जिले में सिंध नदी पर बने सेंवढ़ा और भिंड का इंदुर्खी पुल बह गए। इसके बाद दोपहर में शिवपुरी जिले में नरवर-ग्वालियर को जोड़ने वाला मगरौनी पुल का काफी हिस्सा नदी में बह गया। इसके पहले मंगलवार को सिंध नदी के बहाव में रतनगढ़ वाली माता और लांच-पिछोर का पुल भी बह गया था। अब दतिया जिले के गोराघाट, भिंड के मेंहदा घाट का पुल भी खतरे में हैं। दोनों पुलों पर पानी आ गया है।
ककेटो और मड़ीखेड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार की दोपहर से लगातार सिंध नदी में पानी बढ़ रहा है। सिंध नदी के उफान पर आने से अब तक दतिया जिले के 3 और भिंड- शिवपुरी जिले में एक- एक पुल टूट चुके हैं। सिंध नदी पर ही मड़ीखेड़ा डैम के नीचे के पुल पर दरार आ गई है।
सिंध नदी की बाढ़ में ढह गए ये पुल
1.लांच-पिछोर पुल- दतिया के लांच कस्बे में सिंध नदी पर बना यह पुल मंगलवार दोपहर 2 बजे बह गया।
2. रतनगढ़ वाली माता पुल- दतिया के प्रसिद्ध रतनगढ़ वाली माता मंदिर जाने पुल मंगलवार को 2.30 बजे सिंध नदी में बह गया। यह वही पुल था, जिस पर 2013 में भगदड़ मचने से 115 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।
3. सेंवढ़ा पुल- दतिया जिले में सिंध नदी पर बना यह पुल भिंड के लहार, मौ को ग्वालियर से जोड़ता था। बुधवार को सुबह करीब 11 बजे बह गया।
4. इंदुर्खी पुल- भिंड जिले में सिंध नदी पर बना यह पुल रौन-अमायन को जोड़ता था। बुधवार की सुबह 11:30 बजे तिनके की तरह बह गया।
5. मगरौनी पुल- शिवपुरी जिले में सिंध नदी पर स्थित यह पुल नरवर कस्बे और ग्वालियर को जोड़ता था। यह बुधवार दोपहर करीब 1 बजे के बह गया।

