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परमंडल से शुरू हुई 'नफ़रत छोड़ो, संविधान बचाओ' पदयात्रा



परमंडल से शुरू हुई 'नफ़रत छोड़ो, संविधान बचाओ'  पदयात्रा



सात गांवों में पहुंची पदयात्रा


गांव गांव में शराबबंदी के नारे गुंजे


किसी भी किसान परिवार को 4 वर्षों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 24 हजार और 2 साल मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का 8 हजार नहीं मिला


     किसान संघर्ष समिति द्वारा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम के नेतृत्व में "नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ अभियान" के तहत आज ग्राम परमंडल में शहीद किसान स्तंभ एवं शहीद जवान मनोज चौरे की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित कर पदयात्रा की शुरुआत की गई । 

   आज पदयात्रा ग्राम बाडे़गांव, टेमझिरा, हरनाखेड़ी, खतेड़ा कला, हेटी, सर्रा, जौलखेड़ा आदि गांवों में पहुंची।

   यात्रा के दौरान ग्राम परमंडल के ग्रामवासियों ने बताया कि आजादी के 75 साल बाद भी एक ही सड़क पर स्थित दो गांव बाड़ेगांव और टेमझिरा में सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। परमंडल में प्रधानमंत्री आवास योजना से एक भी घर नहीं बना हैं। गांव में सिंचाई और पेयजल का संकट बना रहता है। भूमि का जलस्तर एक हजार फिट नीचे चला गया है। सुक्ष्म सिंचाई योजना के तहत बुंडाला बांध से पानी उपलब्ध कराये जाने के लिए मुख्यमंत्री को  ज्ञापन दिया गया लेकिन मुख्यमंत्री से भी मात्र आश्वासन ही मिला ।किसानों ने बताया कि उनके कुएं में सिंचाई के लिए मात्र एक माह का पानी है लेकिन विद्युत विभाग चार माह से कम का विद्युत कनेक्शन नहीं दे रहे है जिससे उन्हें अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।  ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि भूमिहीनों और आवासहीनों को अभी तक आवासीय पट्टा उप्लब्ध नहीं कराया गया। 

   ग्रामवासियों ने बताया कि किसी भी  किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का पूरा पैसा यानी 32 हजार नहीं मिला है। कई किसान सिर्फ इसलिए इन योजनाओं से वंचित रह गए  हैं क्योंकि उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है।

    टेमझिरा के ग्रामीणों ने बताया कि पांच साल पहले मिडिल स्कूल तो खोल दिया लेकिन न तो बच्चों को बैठने को लिए भवन है न ही शिक्षक। विधायक, सांसद, मंत्री सभी से गुहार लगाने तथा तमाम कोशिशों के बावजूद भी प्रशासन द्वारा टेमझिरा से सर्रा,हरनाखेड़ी जोड़ तक मात्र  आधा किलोमीटर सड़क निर्माण नहीं कराया गया। जिससे सालभर तीन गांव के लोगों को आवागमन में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों ने वृद्धा पेंशन नहीं मिलने की समस्या से भी अवगत कराया।

    टेमझिरा के किसानों ने बताया कि बाड़ेगांव बांध की नहर सिंचाई विभाग की लापरवाही से बरसात भर से खुली है जिससे आधा से ज्यादा पानी नदी में व्यर्थ बह गया है। मात्र कुछ ही दिनों का पानी बचा है।  विभिन्न गांवों में पहुंची पदयात्रा को ग्रामीण महिलाओं ने गांव की सबसे बड़ी समस्या शराब का नशा और उसका कारोबार बताया। क्योंकि उनके सामने उनके बच्चे शराब की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो रहे हैं। 

    पदयात्रा में यशोदा बाई सिमैया, देवकी डडोरे, शारदा राऊत, ललीता पठाड़े, लल्ली पंवार, गीता हारोड़े, दुलारी बुआड़े, कमल पंवार, किसान संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन, कृपाल सिंह सिसोदिया, सीताराम नरवरे, सूरप सूर्यवंशी , किशोरसिंह सोलंकी,  शत्रुघ्न यादव, रामदयाल चौरे, लखन सूर्यवंशी, हेमराज देशमुख, सहदेव मंडलेकर, साहेब लाल डडोरे, शेषराव पंवार, अकलेश पठाड़े एवं भागवत परिहार आदि शामिल रहे।

    कल पदयात्रा डिवटिया, कान्हा बघोली, निरगुड़, सुकाखेड़ी,एनस पाटखेड़ा होकर जूनापानी विश्राम

करेगी।



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