The poor have been mocked by the government in the name of Anotsav - Spencer Lal, Coordinator Congress
Betul । 10किलो अनाज एक झोला विज्ञापन से भरा हुआ देने के लिए घंटो बैठाए रखना भाषण बाज़ी और जरूरतमंदो को कहना की अन्नोत्स्व मनाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की संवेदनशीलता बिल्कुल ही खत्म हो चुकी है। जनता, देश में मेहंगाई,पेट्रोल डीजल, गैस के नाम पर ठगी जा रही है। फिर भी चुपचाप है, सरकारी आंकड़ों 80हजार करोड़ लोग सरकारी अनाज पर निर्भर है तो वह देश क्या उत्सव मना सकता है। लेकिन विज्ञापन वाली सरकार सत्तर साल में पहली बार देखी जा रही है। जो कॉरोना संकट के समय ऑक्सीजन और दवाईयो कि कमी पूरी करने में नाकाम दिख रही थी। वह गोदामों में भरे हुए अनाजो को बांट कर उत्सव मना रही है। घंटो इंतज़ार करवा कर थैले बांटना क्या जनता का सम्मान था। रोजगार उत्पन्न करने और देने में असफल सरकारें, कुछ किलो अनाज बांटकर वाहवाही लूट रहे है।
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