बच्चों के घर जाकर शिक्षक ने वितरण की पाठ्य पुस्तक।
खरगोन : कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा पहली बार हो रहा है जब घर-घर पहुंचकर शिक्षक पुस्तकें बांटते नजर आ रहे है । पहले चरण में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को निश्शुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण किया जा रहा है । इसके बाद हाइ व हायर सेकेण्डरी के बच्चों को पुस्तकें बांटी जाएगी। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं तक पुस्तकें पहुंचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है। शिक्षक बच्चों के घर-घर जाकर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए पुस्तकें वितरित कर रहे है ।
शासकीय
कन्या प्राथमिक विद्यालय माँगरुल खरगोन के शिक्षकों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र से प्राप्त निःशुल्क वितरणार्थ पुस्तकों को घर घर जाकर विद्यार्थीयों को वितरित की गयी । ठेला गाडी पर रखकर पुस्तकों को विघार्थीयों के घर तक लेकर गए । जहाँ विद्यार्थीयों में खुशी लहर दौड़ गई वही पालक ने शिक्षकों के इस कार्य को सराहा । शिक्षक राकेश शर्मा ने बताया की कोरोना के चलते विद्यालय बंद हैं । अतः छात्रों की पढाई निरंतर रहे इस हेतु शासन द्वारा प्रदाय की गई पुस्तकों को छात्रों तक पहुँचाया गया । इस अभिनव कार्य में विद्यालय के प्रधान पाठक रूमसिंह डाबर , शिक्षक महेश ब्राम्हणे एवं मनीषा पाटीदार ने भी उपस्थित रहकर सहयोग प्रदान किया ।
कन्या प्राथमिक विद्यालय माँगरुल खरगोन के शिक्षकों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र से प्राप्त निःशुल्क वितरणार्थ पुस्तकों को घर घर जाकर विद्यार्थीयों को वितरित की गयी । ठेला गाडी पर रखकर पुस्तकों को विघार्थीयों के घर तक लेकर गए । जहाँ विद्यार्थीयों में खुशी लहर दौड़ गई वही पालक ने शिक्षकों के इस कार्य को सराहा । शिक्षक राकेश शर्मा ने बताया की कोरोना के चलते विद्यालय बंद हैं । अतः छात्रों की पढाई निरंतर रहे इस हेतु शासन द्वारा प्रदाय की गई पुस्तकों को छात्रों तक पहुँचाया गया । इस अभिनव कार्य में विद्यालय के प्रधान पाठक रूमसिंह डाबर , शिक्षक महेश ब्राम्हणे एवं मनीषा पाटीदार ने भी उपस्थित रहकर सहयोग प्रदान किया ।
छात्र-छात्राओं को स्कूल नहीं बुलाने के आदेश।
कक्षा पहली से 10 वीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण करने को लेकर निर्देश दिए हैं। संबंधित अफसरों को निर्देशित किया गया है कि कक्षा पहली से 10 वीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण 14 अगस्त तक अनिवार्यतः पूर्ण करा लिया जाए। आदेश में कहा गया है कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण कार्य कोविड-19 से संबंधित सर्तकता के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पालकों और शिक्षकों के माध्यम से सुविधा अनुसार कराया जाए। छात्र-छात्राओं को पुस्तक वितरण के लिए शाला में नहीं बुलाना है।

